Thursday, June 18, 2015

उद्यमिता -कैसे करें शुरुआत

भारत में जनसँख्या असंतुलन की वजह से रोजगार की कमी है मुख्य रूप से तीन चार ही तरीके होते है रोजगार के जैसे कि

1.कृषि -भारत का सबसे पुराना कैरियर और सबसे ज्यादा लोगो द्वारा चुना जाने वाला भी
इसमें भारत का सबसे बड़ा वर्ग आता है जो खाद्यान्न
फल सब्जिया  उगाकर अपना जीविकोपार्जन करते है।

2.सरकारी नौकरी -जिसमे सरकारी प्रशासनिक अधिकारी
बैंक कर्मचारी,अध्यापक,रेलवे इत्यादि प्रमुख रूप से आते हैं
3.निजी या प्राइवेट नौकरी-इसमें बड़े बड़े व्यावसायिक समूह ,बहुराष्ट्रीय निगम ,पब्लिक लिमिटेड कंपनिया
प्राइवेट लिमिटेड कंपनियां तथा अन्य की नौकरी होती है जो किसी भी स्तर पर हो सकती है योग्य के अनुसार
मेनेजर इत्यादि।
4.स्वरोजगार -इसमें छोटी श्रेणी के वे लोग आते है जो
अपना स्वयं का व्यापार करते हैं परंतु सेवा का क्षेत्र सीमित होता है जैसे छोटे सूक्ष्म उद्योग,दूकान,वर्कशॉप आदि जहा उनके अलावा काम नहीं चल पाता ।
वे ही व्यवसाय के मालिक भी होते हैं और कर्मचारी भी

5.पेशा (प्रोफेशन)-इसमें वो लोग आते है जो अपने हुनर का इस्तेमाल करके पैसा कमाते है जैसे की-डॉक्टर,सी ए,वकील,मैकनिक,इलेक्ट्रीशियन,प्लम्बर ,इत्यादि

6.निवेशक-ये वो लोग होते है जो स्वयं भले काम करें या न करें इनके पास प्रचुर धन होता है जिसे विभिन्न प्रकार से निवेश करके ये लोग धन कमाते हैं
पूँजी लगा के उसका प्रतिफल ब्याज तथा रिटर्न के रूप में प्राप्त करते हैं।

सभी अवसरों के अपने अपने लाभ है तथा हर व्यक्ति अपनी रूचि एवं योग्यता के आधार पर इन्हें चुनता है
किसी में शिक्षा की आवश्यकता होती है

भारत में अभी भी बेरोजगारी की समस्या बड़े रूप में उपस्थित है
इसका समाधान करने के लिए सरकार द्वारा नए उध्यमो की शरुआत हेतु प्रयास किये जा रहे है ताकि रोजगार के अवसरों में बढ़ोतरी हो सके और लोगो को जिम्मेदारी के स्थान पर संपत्ति के रूप में देखा जा सके
तथा विभिन्न प्रकार के रोजगार सृजित किये जा सकें।

कई कॉलेज विश्व विद्यालय भी भारत सरकार की इस में सहायता कर रहे है
युवाओं को भी इस प्रकार अपने कैरियर विकल्प रखने चाहिए ताकि किसी पर निर्भर न रहना पड़े।

तो आइए हम लोग कैरियर के इस महान अवसर तथा
प्रकार पर चर्चा करें

जिसने विश्व में संपत्ति की रचना के आयाम खोले है
आज तकनीक का विकास , मशीनों का प्रयोग
किसी भी काम को करने में सुलभता तथा सुविधाओं का अम्बार खड़ा कर दिया है
वह है-उद्यमिता अर्थात अंग्रेजी में कहें तो एन्टरेप्रेन्यूरशिप
आगे के अंक में इसपर वृहद् चर्चा करेंगे..............

Friday, June 5, 2015

अविस्मरणीय हिमाचल यात्रा

मेरी अविस्मरणीय हिमाचल यात्रा

 सन् 2014 मई में भारत के सबसे खूबसूरत राज्यों में से एक हिमाचल प्रदेश जाने का अवसर मिला
मेरे जीवन के सबसे अद्भुत तथा रोमांचक अनुभवों में से एक इस यात्रा ने एक अविस्मरणीय यादो का पुलिंदा रख छोड़ा